भगत सिंह: स्वतंत्रता संग्राम का अमर नायक।

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 भगत सिंह: स्वतंत्रता संग्राम का अमर नायक। भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख और क्रांतिकारी योद्धा थे। उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर (अब पाकिस्तान में) स्थित बंगा गाँव में हुआ था। भगत सिंह के परिवार का माहौल भी क्रांतिकारी था, जहाँ उनके पिता किशन सिंह और चाचा अजीत सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे। इस वातावरण ने भगत सिंह के विचारों और जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। भगत सिंह का बचपन: भगत सिंह, जिन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रमुख क्रांतिकारियों में गिना जाता है, का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गाँव (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनका परिवार एक सिख जाट परिवार था, जो पहले से ही देश की आजादी के लिए संघर्षरत था। भगत सिंह के पिता, किशन सिंह, और चाचा, अजीत सिंह, स्वतंत्रता सेनानी थे और अंग्रेजी सरकार के खिलाफ आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे। ऐसे परिवार में जन्म लेने के कारण भगत सिंह का झुकाव भी बचपन से ही देशभक्ति की ओर हो गया। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: भगत सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लाहौर के डी.ए.वी. कॉलेज से की, जहाँ उन्हों...

बिपरजॉय एक गंभीर चक्रवाती तूफान कि दस्तक।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक अगले 4 घंटों में बिपरजॉय एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. 10से12 जून के आसपास इसके तूफान के रूप में उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है.अभी यह गुजरात के पोरबंदर से करीब 500 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में अरब सागर में बना है।

Biparjoy cyclone

मौसम विभाग के मुताबिक रविवार (11 जून) को रात 2 से 3 के करीब बिपरजॉय करीबन 5 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रहा था. आईएमडी ने 15 जून तक इसके कच्छ के तट की ओर पहुंचने का अनुमान जताई है. हालांकि, इसके तट से टकराने का अनुमान नहीं है. cyclone के पोरबंदर से करीबन 200-300 किमी और नालिया से 200 से 250 किमी की दूरी से गुजरने की संभावना है।

तट से टकराने का अनुमान नहीं : आईएमडी के मुताबिक, रविवार सुबह 2 से03 बजे तूफान पोरबंदर से करीब 500 किमी की दूरी पर था। जब तक चक्रवात तट के करीब पहुंचेगा, संकेत दिए जाते रहेंगे। वर्तमान पूर्वानुमान के मुताबिक, इसके गुजरात के तट से टकराने की संभावना नहीवत है। भारतीय तटरक्षक जहाजों, विमानों और रडार स्टेशनों के माध्यम से मछुआरों को नियमित सलाह भेजी जा रही हैं।

मछुआरों को दी जाने वाली चेतावनी :'बिपरजॉय' के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका के बीच, इंडियन कोस्ट गार्ड ने ने गुजरात, दमन और दीव के तटों पर मछुआरों और नाविकों को अगले 5 से 7 दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती रही हैं। पिछले एक हफ्ते से, भारतीय तट रक्षक के अधिकारी मछुआरों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए है और तूफान को लेकर सावधानी बरती जा रही हैं।

तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने कि संभावना :

"बिपरजॉय" चक्रवाती तूफान के चलते गुजरात में अगल दो से तीन दिनों के दौरान 40 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान हवामान विभाग द्वारा संभावना जताई है। इसके बाद हवा की रफ्तार तेज हो सकती है और 13-15 जून के बिच तटीय इलाकों में यह 50-55 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में गरज के साथ छींटे पड़ने कि आशंका जताई जा रही है।

केरल राज्य के कई जिलों में भी येलो अलर्ट का सिग्नल :चक्रवात"बिपरजॉय" के चलते, कोल्लम,तिरुवनंतपुरम, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, झिकोड और कन्नूर सहित केरल राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। "बिपरजॉय" से पहले एहतियाती के तौर पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को पोरबंदर, गिर सोमनाथ और वलसाड के समुद्र तट पर तैनात किया गया है।

चक्रवाती तूफान "बिपरजॉय" का प्रभाव गुजरात, सौराष्ट्र, उत्तरी गोवा, कर्नाटक और केरल में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान "बिपरजॉय" उत्तर से उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है।

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